वर्तमान आरक्षण व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने हेतु जिसकी जितनी संख्या भारी उतनी उसकी हिस्सेदारी के आधार पर आरक्षण व्यवस्था की स्थिति सुनिश्चित कराने

सरदार सेना का परिचय

सरदार सेना का परिचय

सरदार सेना का गठन 31 दिसम्बर 2017 को सरदार पटेल सेवा संस्थान इलाहाबाद के मैदान में मनाए गये सरदार बल्लभ भाई पटेल जी के महापरिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम में लगभग 25 हजार की संख्या में मौजूद सरदारवादी किसानों के सामने सरदारवादी विचारधारा प्रेरक डा. आर. एस. पटेल जी एवं सरदारवादी चिंतकों द्वारा किया गया।

सरदार सेना के उद्देश्य :-

  1. यह कि सरदारवादी विचारधारा को जन सामान्य तक पहुंचाने हेतु निरंतर काम करना एवं जनमानस के बीच "जय सरदार" शब्द का प्रचार-प्रसार करना।
  2. यह कि हर हाल में भारत सरकार द्वारा कृषि आयोग कि स्थापना कराने के लिए आंदोलनरत प्रयास करना एवं भारतीय संविधान के हितों की रक्षा के लिए काम करना।
  3. यह कि भारत विभिन्न धर्म व जातियों का देश है इसलिए "जिसकी जितनी संख्या भारी-उसकी उतनी हिस्सेदारी" के तर्ज पर तमाम जातियों के संपूर्ण भागीदारी हेतु आंदोलनरत प्रयास करना, जिससे कि देश में ऊंच-नीच की खाई को समाप्त करके समरसता कायम किया जा सके।
  4. यह कि राष्ट्रवादी, मानवतावादी स्वरुप में असलियत की पहचान कराना क्योंकि धर्म की आड़ में देश की कुछ सामंत व पूंजीवादी ताकतें देश की 85 प्रतिशत समुदाय का शोषण कर रहें है।
  5. यह कि देशभर में सरदार सेना का संगठन खड़ा करके देश के शोषितों, पीड़ितों, वंचितों, कामेरों के 85% समुदाय एवं मूल निवासियों को इकट्ठा करके उनके अधिकारों की लड़ाई के लिए आंदोलनरत प्रयास करना।
  6. यह कि सरदार पटेल साहब के कृत्यों को जन-जन तक पहुंचाने हेतु सरदार पटेल जी की प्रतिमा देश भर के प्रत्येक ग्राम पंचायतों तक स्थापित कराकर सरदारवादी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाकर राष्ट्रीय अखंडता को बनाए रखने के लिए काम करना।
  7. यह कि देश भर के प्रत्येक जिलों में सरदार लाइब्रेरी व रिसर्च सेंटर की स्थापना के लिए प्रयास करना।
  8. यह कि सरदारवादी विचारधारा का उत्तर प्रदेश के किसी एक जिला में वृहद स्तर पर सरदार शोध संस्थान एवं सरदार आश्रम की स्थापना करने का प्रयास करना।
  9. यह कि सरदारवादी आश्रम में देश के कामेंरों, किसानों, दलीतों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों जैसे आदि समुदाय के हितों के लिए भारतीय संविधान के अनुसार विकास हेतु योजना व नीति निर्धारण के लिए कार्य योजना तैयार करना।
  10. यह कि तथागत गौतम बुद्ध, छत्रपति शाहू जी महाराज, शिवाजी महाराज, लौहपुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल, डा. भीम राव अम्बेडकर, स्वामी ब्रह्मानन्द लोधी, वीरांगना उदा देवी पासी, संत गाडगे, सम्राट अशोक आदि महापुरूषों के सपनों का भारत बनाने के लिए यह संगठन दिन-रात प्रयास करेगा।